''कुलदीप सेंगर हमें 5 हजार किमी दूर से मरवा देगा''
कुलदीप सेंगर हमें 5 हजार किमी दूर से मरवा देगा- रेप विक्टिम बोली- उसकी बेटी CBI अफसर से मिली, बृजभूषण ने सस्पेंड कराई सजा
उन्नाव 27 दिसंबर : ‘5 किमी क्या, 5 हजार किमी भी उसके लिए कुछ नहीं है। वो हमें कहीं भी मरवा सकता है। मेरे लिए जिंदगी भर का खतरा है। उसके मरने के बाद भी खतरा रहेगा, क्योंकि उसके लोगों को मेरा चेहरा याद रहेगा कि इसी लड़की ने हमारे विधायक को जेल भिजवाया था।’
उन्नाव रेप केस की विक्टिम ये बात कहते हुए भावुक हो जाती हैं। 23 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने इस केस में BJP के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा सस्पेंड कर दी। सेंगर को उम्रकैद की सजा मिली है। कोर्ट ने जमानत देते हुए ये शर्त रखी कि कुलदीप सेंगर को विक्टिम से 5 किमी दूर रहना होगा। विक्टिम का कहना है कि इस फैसले ने हमारी उम्मीदें तोड़ दी हैं।
कोर्ट के फैसले के बाद दैनिक भास्कर ने विक्टिम और उनकी मां से बात की। उन्होंने CBI और BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह पर सेंगर की मदद करने का आरोप लगाया। हमने विक्टिम के वकील और कानून के जानकारों से भी समझा कि कुलदीप सेंगर की सजा सस्पेंड होने के क्या मायने हैं।
हालांकि, सजा सस्पेंड होने के बावजूद कुलदीप सेंगर को जेल में रहना होगा क्योंकि 2020 में विक्टिम के पिता की हत्या में 10 साल की सजा मिली हुई है। इस फैसले के खिलाफ भी कुलदीप सेंगर ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की है।
‘लोग धमकी देकर जाते हैं कि ज्यादा दिन दुनिया में नहीं रहोगी’
विक्टिम के साथ 4 जून, 2017 को रेप हुआ था। आरोप विधायक कुलदीप सेंगर पर था, इसलिए मामला सुर्खियों में आ गया। विक्टिम ने पुलिस स्टेशन में सुनवाई न होने पर मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट के दखल के बाद कुलदीप सेंगर को 13 अप्रैल 2018 में गिरफ्तार किया गया।
विक्टिम और उनका परिवार दिल्ली में रह रहा है। उनकी सिक्योरिटी में CRPF के 9 जवान तैनात रहते हैं। विक्टिम कहती हैं, 'कोर्ट के फैसले से बहन-बेटियों की हिम्मत कमजोर हो गई है। मेरे साथ अन्याय हो रहा है। जज मुझसे बोलते थे कि आप कुछ नहीं बोल सकतीं। आपके वकील बोलेंगे। मेरा ही केस, मेरे साथ रेप हुआ और मुझे ही बोलने से रोका गया।’
विक्टिम का दावा है कि उन्हें आज भी धमकियां मिलती हैं। वे कहती हैं, ‘लोग बगल से निकलते हुए बोलते हैं कि ज्यादा दिन तक दुनिया में रह नहीं पाओगी। ऐसे बोलते हैं कि CRPF वाले भी नहीं समझ पाते। पता नहीं, कब मुझे मार दिया जाएगा।’
‘CBI ठीक से बहस करती तो जमानत नहीं मिलती’
कोर्ट के फैसले के बाद विक्टिम ने अपनी मां और महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना के साथ इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया था। इस पर वे कहती हैं, ‘मैं धरना देने गई थी। मुझे बोला गया कि इसकी परमिशन नहीं है। तो क्या रेप करने की परमिशन है, क्या बहन-बेटियों को छेड़ने की परमिशन है।’