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रेड के बाद शुरू होता था खेल, GST की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी घर पर करती थीं घूस की डील।

सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के रिश्वत कांड में गिरफ्तारी के बाद अब उनके खेल का खुलासा धीरे-धीरे हो रहा है। सारा खेल छापेमारी के बाद शुरू होता था। सीबीआई के अनुसार अपने घर पर बुलाकर लेन-देन की डील होती थी।

भोपाल 3 जनवरी : सीबीआई ने झांसी में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) में घूसखोरी के मामले में गिरफ्तार डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रभा समेत अन्य अधिकारियों की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी गई है। इनके खेल का खुलासा एक-एक कर हो रहा है। व्यापारियों के यहां छापेमारी के बाद यह लोग असली खेल शुरू करते थे। अपने घर बुलाकर लेन-देन की डील होती थी। सीबीआई इन अधिकारियों के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में भी केस दर्ज कर छानबीन शुरू करेगी। सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा काली कमाई कर दिल्ली व ग्वालियर में कुछ बेनामी संपत्तियों में निवेश किए जाने की आशंका है।
सीबीआई ने डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी (आईआरएस अधिकारी) व दो अधीक्षकों अनिल कुमार तिवारी व अजय कुमार शर्मा के घर से बरामद संपत्तियों के दस्तावेजों के आधार पर आगे की छानबीन शुरू की है। आरोपी अधिकारियों ने नकद में वसूली गई रकम को प्रापर्टी डीलरों व अपने कुछ करीबियों के माध्यम से ठिकाने लगाया था। आरोपी अधिकारियों की कुल संपत्ति का ब्योरा भी जुटाने का प्रयास हो रहा है। शुरुआती छानबीन व पूछताछ में सीजीएसटी के कुछ अन्य अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका को लेकर भी पड़ताल शुरू की गई है। इस मामले में जीएसटी के कुछ अन्य अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ रही है।
सीबीआई को मामले में नामजद आरोपी जय अंबे प्लाईवुड के मालिक लोकेश तोलानी व जय दुर्गा प्लाईवुड के मालिक तेजपाल मंगतानी की भी तलाश है। सीबीआई ने मामले में 30 दिसंबर को प्रभा भंडारी समेत सात आरोपियों के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया था। सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने 1.5 करोड़ रुपये घूसखोरी के इस बड़े मामले में प्रभा भंडारी समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। सीबीआई ने आरोपियों को 70 लाख रुपये घूस लेते पकड़ा था।

ऐसे होता था खेल

18 दिसंबर को जय दुर्गा हार्डवेयर व जय अंबे प्लाईवुड के ठिकानों पर सीजीएसटी की टीमों ने छापेमारी की थी। इसके बाद कर चोरी में छूट देने के बदले मोटी रकम वसूलने की डील शुरू हुई थी। अधिकारियों ने फर्म संचालकों व उनके वकील नरेश कुमार गुप्ता को अपने घर बुलाकर भी लेनदेन की डील की थी। पूर्व में कुछ अन्य फर्मों के ठिकानों पर की गई छापेमारी को लेकर भी भीतरखाने छानबीन की जा रही है। सीबीआई ने आरोपियों के झांसी, ग्वालियर व दिल्ली स्थित ठिकानों पर छोपमारी के दौरान 90 लाख रुपये नगद, संपत्तियों के कई दस्तावेज, जेवर व चांदी की ईटें बरामद की थीं। इसकी जांच चल रही है।
पति के नाम पर बताया गया था महंगा प्लाट
सूत्र बताते हैं कि फ्लैट प्रभा भंडारी और उनके पति के नाम पर बताया जा रहा है। अब सीबीआई उनकी बैंक अकाउंट्स और संपत्तियों की जांच भी कर रही है। इसके बाद ही कुछ सामने आएगा। यह पूरा मामला उन छापों के बाद खुला, बीते साल 18 दिसंबर को जय अंबे प्लाईवुड और जय दुर्गा हार्डवेयर पर पड़े थे। लाखों-करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ने के बाद मामला निपटाने और टैक्स घटाकर 50 लाख करने के एवज में डेढ़ करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। पुलिस इसको लेकर कुछ अफसरों की जांच-पड़ताल तेजी के साथ कर रहा है, पूरी टीम इस बारे में जांच पड़ताल कर रही है, मामला आलाधिकारियों ते पहुंच चुका है।

रिश्वतखोरी में दो और कारोबारियों पर केस

झांसी में रिश्वतकांड के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्र्वाई की है। सूत्रों की मानें तो दो और कारोबारियों जय अंबे प्लाईवुड फर्म के लोकेश तोलानी और जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म के तेजपाल मंगतानी समेत अन्य को भी प्राथमिकी में नामजद किया है। सूत्र बताते हैं कि गिरफ्तार सेंट्रल जीएसटी के 3 अधिकारी समेत पांचों को लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

70 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा था

सीबीआई ने पहले 70 लाख की रिश्वत लेते हुए सुपरिंटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही फर्म मालिक राजू मंगनानी और वकील नरेश गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया। बाद में दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को भी अरेस्ट कर लिया गया। मामले में कई नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज है और जांच सीबीआई इंस्पेक्टर आशीष कुमार सिंह द्वारा की जा रही है। एजेंसी अब आरोपियों की संपत्तियों और बैंक लेन-देन की तह तक जाने में जुटी है।

BJ-2589 2026-01-03 21:15:21 भोपाल
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