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भोपाल के खानूगांव में 2000 लोग पी रहे गंदा पानी:पार्षद ने कुएं में सीवेज जाते हुए वीडियो बनाया; कहा-अफसर मोबाइल ही नहीं उठाते।

भोपाल 6 जनवरी :  इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत हो चुकी हैं। ऐसा ही खतरा भोपाल में भी मंडरा रहा है। कई लाइनों में सीवेज का पानी मिल रहा है। ये नगर निगम की जांच में भी सामने आ चुका है। ताबड़तोड़ वाल्व और लीकेज सुधारे जा रहे हैं। ताकि, इंदौर जैसा हादसा यहां न हो। दूसरी ओर, खानूगांव में अब भी करीब 2 हजार लोग गंदा पानी पी रहे हैं। पार्षद ने खुद कुएं में सीवेज जाते हुए वीडियो बनाया।

इस वार्ड की पार्षद रेहाना सुल्तान हैं। उनके प्रतिनिधि मो. जहीर ने बताया कि खानूगांव क्षेत्र में कई दिनों से सीवेज का पानी कुएं में जा रहा है। फिर वहां से लगभग 2000 लोगों को पानी वितरित किया जाता है। इसकी लिखित तौर पर 15 दिन पहले शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या दूर नहीं हुई।

अब तो जिम्मेदारों ने मोबाइल पर कॉल रिसीव करना भी बंद कर दिया। ऐसे में क्षेत्र के लोग अब भी गंदा पानी पी रहे हैं। ऐसे में दूषित पानी से बड़ा हादसा हो सकता है। इसे लेकर जल्द ही प्रदर्शन करेंगे।

भोपाल के 22 वार्ड डेंजर जोन में, पाइप लाइन बदले जाने की जरूरत
अब तक हुई पड़ताल में सामने आया है कि भोपाल के करीब 22 वार्ड ऐसे हैं, जहां पर 400 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन सीवेज के साथ ही बिछी हुई है। इनमें नवीबाग और गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र जैसे बड़े इलाकों की करीब 5 लाख आबादी शामिल हैं।

बताया जाता है कि यह पूरी पुराने लोहे के पाइप लाइन है, जो अपनी उम्र पूरी कर चुकी है। इस कारण सबसे ज्यादा लीकेज यही होते हैं। हालांकि, इसे बदलने के लिए निगम को करीब 500 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। शहर के 2.71 लाख नल कनेक्शन में से करीब 75 हजार नल कनेक्शन की लाइन बदलने की जरूरत है। इसके अलावा अमृत-2 के तहत शहर में 750 किलोमीटर पानी की नई पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है।

5 जोन में करीब 5 लाख से ज्यादा की आबादी

शहर के 5 जोन में पानी की पाइप लाइन पुरानी हो चुकी है। यह इलाके हैं जोन 3 के बाबू जगजीवन राम, नारियल खेड़ा, गीतांजलि, 4 के जेपी नगर, मोतीलाल नेहरू, इब्राहिम गंज, जोन-5 के रॉयल मार्केट, बाग मुंशी हुसैन, शाहजहांनाबाद, लाल बहादुर शास्त्री, मोती मस्जिद, इस्लामपुर, जोन 16 के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, राजीव गांधी, भोपाल मेमोरियल, भानपुर और जोन-17 के बड़वाई, छोला, रूसल्ली, करोंद और नवीबाग जैसे इलाकों में ज्यादा परेशानी है। इसके अलावा देवकी नगर, अंबेडकर नगर और चौकसे नगर में भी लीकेज सबसे ज्यादा होते हैं।

अब तक एक हजार सैंपल लिए जा चुके

शहर में अब तक एक हजार से ज्यादा पानी के सैंपल लिए जा चुके हैं। हालांकि निगम का दावा है कि है एक भी सैंपल फेल नहीं हुआ है। पुराने भोपाल के अधिकांश इलाकों में जगह की कमी के कारण सीवेज लाइन के साथ पानी की पाइप लाइन है। लोहे के पाइप की लाइन होने के कारण इनमें लीकेज की समस्या होने लगी है।

हर रोज 450 मिलियन लीटर पानी की सप्लाई

भोपाल में 2040 में पीने के पानी की हर दिन 514 मिलियन लीटर की जरूरत होती होगी। इस पूर्ती को पूरा करने के लिए तीन साल में नेटवर्क बनाने के लिए 448 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। अभी वर्तमान में हर दिन जरूरत के अनुसार 450 मिलियन लीटर पानी सप्लाई होता है। शहर में अभी पानी सप्लाई 85% इलाकों में होती है। यह सभी वैध कॉलोनियां हैं। नगर निगम अवैध कॉलोनियों में पानी की सप्लाई नहीं करता है। अभी कुल 2.71 लाख कनेक्शन हैं, जो बढ़कर 3.10 लाख हो जाएंगे। इससे हर दिन 514 मिलियन लीटर पानी सप्लाई हो सकेगा।

BJ-2589 2026-01-06 12:48:11 भोपाल
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