भोपाल 7 जनवरी : मध्य प्रदेश में ठंड का असर बरकरार है। प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है। कुछ जिलों में कोल्डवेव और कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। मंगलवार को सबसे कम न्यूनतम तापमान 2.0 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में दर्ज किया गया। दतिया में सुबह के समय दृश्यता 50 मीटर से भी कम रिकॉर्ड की गई। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रायसेन में दर्ज किया गया। कोहरे के चलते श्रीधाम एक्सप्रेस, अगरतला–रानी कमलापति स्पेशल, मालवा एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस और तमिलनाडु एक्सप्रेस ट्रेनें तय समय से देरी से चल रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल (IMD) ने बुधवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में कोल्डवेव चलने की चेतावनी जारी की है।
मंगलवार को गिरवर (शाजापुर), कल्याणपुर (शहडोल), सिवनी, मंदसौर, सीहोर, भोपाल और राजगढ़ जिलो में कोल्ड वेव चली।
भोपाल, विदिशा, सीहोर, नरसिंहपुर और गिरवर (शाजापुर) जिले में कोल्ड डे रहा।
दतिया, ग्वालियर, राजगढ़ और छतरपुर (खजुराहो) जिलो में घना कोहरा छाया रहा।
जबलपुर, नौगांव, रीवा, भोपाल और रायसेन जिलो में हल्के से मध्यम कोहरा दर्ज हुआ।
सुबह साढ़े आठ बजे तक भोपाल एवं रीवा संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। भोपाल में रात का तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
एमपी के इन जिलों में स्कूल बंदगिरते तापमान और घने कोहरे के चलते छात्रों के स्वास्थ्य को मद्देनजर रखते हुए इंदौर, पन्ना, हरदा, श्योपुर, छतरपुर, ग्वालियर और नर्मदापुरम जिलों के स्कूलों में कक्षा 8वीं तक के छात्रों के लिए बुधवार को अवकाश घोषित किया गया है।
रायसेन में नर्सरी से कक्षा 5वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। शिवपुरी में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में 8 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है।
भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन के स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। स्कूलों को सुबह 9 बजे के बाद खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या कहता है मध्य प्रदेश मौसम का पूर्वानुमानमौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल (IMD) के दैनिक बुलेटिन के अनुसार, वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में उत्तर पाकिस्तान और निकटवर्ती क्षेत्रों के ऊपर माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर अवस्थित है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर 12.6 किमी माध्य समुद्र तल से ऊपर लगभग 240 किमी प्रति घंटा की गति से पश्चिमी जेट स्ट्रीम लगातार प्रभावी बनी हुई है। फिलहाल दो-तीन दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान में गिरावट बनी रह सकती है।
भोपाल 7 जनवरी : एक हफ्ते बाद शादियों का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह सोने की कीमतों में ₹660 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) की तेजी देखी गई है। चांदी के भाव में ₹10,000 प्रति किग्रा की बढ़त हुई है। मंगलवार शाम को 24 कैरेट का भाव 1,38,970/- और चांदी का रेट ₹2,53,000 (प्रति किग्रा) पर बंद हुआ था।
अगर आप 7 जनवरी 2026 को सोना-चांदी खरीदने के लिए बाजार जाने का विचार कर रहे हैं तो पहले 18, 22 और 24 कैरेट का ताजा भाव जांच लीजिए। भारतीय सराफा बाजार (व्यापारियों द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार) में आज 22 कैरेट सोने के दाम ₹1,28,000/-, 24 कैरेट का भाव ₹1,39,630/- और 18 कैरेट सोने का रेट ₹1,04,760/- चल रहे हैं। चांदी ₹2,63,000 (प्रति किग्रा) दर्ज हुई। आइए जानते हैं अलग-अलग शहरों का नवीनतम भाव
18 कैरेट (18K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)
मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,04,760
इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,04,660
मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,04,610
चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,07,350
22 कैरेट (22K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,28,000
इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,27,900
मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,27,850
चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,28,700
24 कैरेट (24K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,39,630
इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,39,530
मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,39,480
चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,40,400 (दक्षिण भारत के कुछ शहरों में स्थानीय प्रीमियम/मेकिंग/डीलर मार्जिन के कारण अंतर)
प्रमुख शहरों का चांदी (Silver Rate Today) का भाव10 ग्राम: ₹2,630
100 ग्राम: ₹26,300
₹2,63,000/- (प्रति किग्रा): दिल्ली, मुंबई, पुणे, नागपुर, जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद, कोलकाता, भोपाल और इंदौर ।
₹2,83,000/- (प्रति किग्रा): चेन्नई, मदुरै, हैदराबाद, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और केरल। (दक्षिण भारत के राज्यों के भाव में मेकिंग चार्ज, डीलर प्रीमियम/स्थानीय शुल्क, परिवहन लागत और मांग के चलते बढ़त बनी हुई है।)
सोने-चांदी के दाम में बदलाव के कारणवैश्विक मांग और भू-राजनीतिक तनाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार
डॉलर में उतार-चढ़ाव
शेयर बाजार
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ब्याज दरें
भारत जैसे देशों में आयात शुल्क और अन्य कर
घरेलू दामों पर USD-INR, आयात शुल्क
जीएसटी/टीसीएस, लोकल मेकिंग चार्ज
देश की महंगाई दर
त्योहार और शादियों का सीजन
सोना खरीदना है तो इन बातों का ज्ञान जरूरी
भोपाल 6 जनवरी : इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत हो चुकी हैं। ऐसा ही खतरा भोपाल में भी मंडरा रहा है। कई लाइनों में सीवेज का पानी मिल रहा है। ये नगर निगम की जांच में भी सामने आ चुका है। ताबड़तोड़ वाल्व और लीकेज सुधारे जा रहे हैं। ताकि, इंदौर जैसा हादसा यहां न हो। दूसरी ओर, खानूगांव में अब भी करीब 2 हजार लोग गंदा पानी पी रहे हैं। पार्षद ने खुद कुएं में सीवेज जाते हुए वीडियो बनाया।
इस वार्ड की पार्षद रेहाना सुल्तान हैं। उनके प्रतिनिधि मो. जहीर ने बताया कि खानूगांव क्षेत्र में कई दिनों से सीवेज का पानी कुएं में जा रहा है। फिर वहां से लगभग 2000 लोगों को पानी वितरित किया जाता है। इसकी लिखित तौर पर 15 दिन पहले शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या दूर नहीं हुई।
अब तो जिम्मेदारों ने मोबाइल पर कॉल रिसीव करना भी बंद कर दिया। ऐसे में क्षेत्र के लोग अब भी गंदा पानी पी रहे हैं। ऐसे में दूषित पानी से बड़ा हादसा हो सकता है। इसे लेकर जल्द ही प्रदर्शन करेंगे।
भोपाल के 22 वार्ड डेंजर जोन में, पाइप लाइन बदले जाने की जरूरत
अब तक हुई पड़ताल में सामने आया है कि भोपाल के करीब 22 वार्ड ऐसे हैं, जहां पर 400 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन सीवेज के साथ ही बिछी हुई है। इनमें नवीबाग और गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र जैसे बड़े इलाकों की करीब 5 लाख आबादी शामिल हैं।बताया जाता है कि यह पूरी पुराने लोहे के पाइप लाइन है, जो अपनी उम्र पूरी कर चुकी है। इस कारण सबसे ज्यादा लीकेज यही होते हैं। हालांकि, इसे बदलने के लिए निगम को करीब 500 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। शहर के 2.71 लाख नल कनेक्शन में से करीब 75 हजार नल कनेक्शन की लाइन बदलने की जरूरत है। इसके अलावा अमृत-2 के तहत शहर में 750 किलोमीटर पानी की नई पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है।
5 जोन में करीब 5 लाख से ज्यादा की आबादी
शहर के 5 जोन में पानी की पाइप लाइन पुरानी हो चुकी है। यह इलाके हैं जोन 3 के बाबू जगजीवन राम, नारियल खेड़ा, गीतांजलि, 4 के जेपी नगर, मोतीलाल नेहरू, इब्राहिम गंज, जोन-5 के रॉयल मार्केट, बाग मुंशी हुसैन, शाहजहांनाबाद, लाल बहादुर शास्त्री, मोती मस्जिद, इस्लामपुर, जोन 16 के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, राजीव गांधी, भोपाल मेमोरियल, भानपुर और जोन-17 के बड़वाई, छोला, रूसल्ली, करोंद और नवीबाग जैसे इलाकों में ज्यादा परेशानी है। इसके अलावा देवकी नगर, अंबेडकर नगर और चौकसे नगर में भी लीकेज सबसे ज्यादा होते हैं।
अब तक एक हजार सैंपल लिए जा चुके
शहर में अब तक एक हजार से ज्यादा पानी के सैंपल लिए जा चुके हैं। हालांकि निगम का दावा है कि है एक भी सैंपल फेल नहीं हुआ है। पुराने भोपाल के अधिकांश इलाकों में जगह की कमी के कारण सीवेज लाइन के साथ पानी की पाइप लाइन है। लोहे के पाइप की लाइन होने के कारण इनमें लीकेज की समस्या होने लगी है।
हर रोज 450 मिलियन लीटर पानी की सप्लाई
भोपाल में 2040 में पीने के पानी की हर दिन 514 मिलियन लीटर की जरूरत होती होगी। इस पूर्ती को पूरा करने के लिए तीन साल में नेटवर्क बनाने के लिए 448 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। अभी वर्तमान में हर दिन जरूरत के अनुसार 450 मिलियन लीटर पानी सप्लाई होता है। शहर में अभी पानी सप्लाई 85% इलाकों में होती है। यह सभी वैध कॉलोनियां हैं। नगर निगम अवैध कॉलोनियों में पानी की सप्लाई नहीं करता है। अभी कुल 2.71 लाख कनेक्शन हैं, जो बढ़कर 3.10 लाख हो जाएंगे। इससे हर दिन 514 मिलियन लीटर पानी सप्लाई हो सकेगा।
सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के रिश्वत कांड में गिरफ्तारी के बाद अब उनके खेल का खुलासा धीरे-धीरे हो रहा है। सारा खेल छापेमारी के बाद शुरू होता था। सीबीआई के अनुसार अपने घर पर बुलाकर लेन-देन की डील होती थी।
भोपाल 3 जनवरी : सीबीआई ने झांसी में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) में घूसखोरी के मामले में गिरफ्तार डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रभा समेत अन्य अधिकारियों की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी गई है। इनके खेल का खुलासा एक-एक कर हो रहा है। व्यापारियों के यहां छापेमारी के बाद यह लोग असली खेल शुरू करते थे। अपने घर बुलाकर लेन-देन की डील होती थी। सीबीआई इन अधिकारियों के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में भी केस दर्ज कर छानबीन शुरू करेगी। सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा काली कमाई कर दिल्ली व ग्वालियर में कुछ बेनामी संपत्तियों में निवेश किए जाने की आशंका है।
सीबीआई ने डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी (आईआरएस अधिकारी) व दो अधीक्षकों अनिल कुमार तिवारी व अजय कुमार शर्मा के घर से बरामद संपत्तियों के दस्तावेजों के आधार पर आगे की छानबीन शुरू की है। आरोपी अधिकारियों ने नकद में वसूली गई रकम को प्रापर्टी डीलरों व अपने कुछ करीबियों के माध्यम से ठिकाने लगाया था। आरोपी अधिकारियों की कुल संपत्ति का ब्योरा भी जुटाने का प्रयास हो रहा है। शुरुआती छानबीन व पूछताछ में सीजीएसटी के कुछ अन्य अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका को लेकर भी पड़ताल शुरू की गई है। इस मामले में जीएसटी के कुछ अन्य अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ रही है।
सीबीआई को मामले में नामजद आरोपी जय अंबे प्लाईवुड के मालिक लोकेश तोलानी व जय दुर्गा प्लाईवुड के मालिक तेजपाल मंगतानी की भी तलाश है। सीबीआई ने मामले में 30 दिसंबर को प्रभा भंडारी समेत सात आरोपियों के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया था। सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने 1.5 करोड़ रुपये घूसखोरी के इस बड़े मामले में प्रभा भंडारी समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। सीबीआई ने आरोपियों को 70 लाख रुपये घूस लेते पकड़ा था।ऐसे होता था खेल
18 दिसंबर को जय दुर्गा हार्डवेयर व जय अंबे प्लाईवुड के ठिकानों पर सीजीएसटी की टीमों ने छापेमारी की थी। इसके बाद कर चोरी में छूट देने के बदले मोटी रकम वसूलने की डील शुरू हुई थी। अधिकारियों ने फर्म संचालकों व उनके वकील नरेश कुमार गुप्ता को अपने घर बुलाकर भी लेनदेन की डील की थी। पूर्व में कुछ अन्य फर्मों के ठिकानों पर की गई छापेमारी को लेकर भी भीतरखाने छानबीन की जा रही है। सीबीआई ने आरोपियों के झांसी, ग्वालियर व दिल्ली स्थित ठिकानों पर छोपमारी के दौरान 90 लाख रुपये नगद, संपत्तियों के कई दस्तावेज, जेवर व चांदी की ईटें बरामद की थीं। इसकी जांच चल रही है।
पति के नाम पर बताया गया था महंगा प्लाट
सूत्र बताते हैं कि फ्लैट प्रभा भंडारी और उनके पति के नाम पर बताया जा रहा है। अब सीबीआई उनकी बैंक अकाउंट्स और संपत्तियों की जांच भी कर रही है। इसके बाद ही कुछ सामने आएगा। यह पूरा मामला उन छापों के बाद खुला, बीते साल 18 दिसंबर को जय अंबे प्लाईवुड और जय दुर्गा हार्डवेयर पर पड़े थे। लाखों-करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ने के बाद मामला निपटाने और टैक्स घटाकर 50 लाख करने के एवज में डेढ़ करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। पुलिस इसको लेकर कुछ अफसरों की जांच-पड़ताल तेजी के साथ कर रहा है, पूरी टीम इस बारे में जांच पड़ताल कर रही है, मामला आलाधिकारियों ते पहुंच चुका है।रिश्वतखोरी में दो और कारोबारियों पर केस
झांसी में रिश्वतकांड के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्र्वाई की है। सूत्रों की मानें तो दो और कारोबारियों जय अंबे प्लाईवुड फर्म के लोकेश तोलानी और जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म के तेजपाल मंगतानी समेत अन्य को भी प्राथमिकी में नामजद किया है। सूत्र बताते हैं कि गिरफ्तार सेंट्रल जीएसटी के 3 अधिकारी समेत पांचों को लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
70 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा था
सीबीआई ने पहले 70 लाख की रिश्वत लेते हुए सुपरिंटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही फर्म मालिक राजू मंगनानी और वकील नरेश गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया। बाद में दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को भी अरेस्ट कर लिया गया। मामले में कई नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज है और जांच सीबीआई इंस्पेक्टर आशीष कुमार सिंह द्वारा की जा रही है। एजेंसी अब आरोपियों की संपत्तियों और बैंक लेन-देन की तह तक जाने में जुटी है।
भोपाल 1 जनवरी : नए साल की शुरुआत के साथ ही कई अहम नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन नियमों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। ऐसे में 1 जनवरी 2026 से बदले गए नियमों के बारे में जानना आपके लिए जरूरी है। आज से नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है। नया साल अपने साथ कई वित्तीय नियमों में बदलाव लेकर आया है, जो आज से लागू हो गए हैं। बदले गए इन नियमों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। हर साल की तरह इस बार भी 1 जनवरी से टैक्स, गैस कीमतों और सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़े कुछ नियमों को बदला गया है। इन बदलावों का असर नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं के ऊपर पड़ेगा। खासतौर पर इनकम टैक्स से जुड़े नियमों, पैन-आधार लिंकिंग की समयसीमा और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव आज चर्चा में हैं।
देश के एक नागरिक होने के नाते आज 1 जनवरी से जिन नियमों में बदलाव हुए हैं, उनके बारे में आपको पता होना जरूरी है नहीं तो आगे चलकर कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। 1 जनवरी 2026 से कौन-कौन से नियम बदल गए हैं और उनका आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और खर्चों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं।
अब नहीं फाइल कर पाएंगे रिवाइज्ड ITR
सबसे बड़ा बदलाव इनकम टैक्स से जुड़ा है। अब रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न (Revised ITR) फाइल करने की तय समयसीमा समाप्त हो चुकी है। इसकी डेडलाइन 31 दिसंबर, 2025 तय की गई थी। टैक्सपेयर्स जिन्होंने तय समय के भीतर बिलेटेड रिटर्न दाखिल नहीं किया, वे अब रिवाइज्ड रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे। अब टैक्स पेयर्स को अपडेटेड रिटर्न या आईटीआर-यू फाइल करना होगा।
भोपाल 31 दिसंबर : मध्य प्रदेश में राज्य विद्युत नियामक आयोग को वर्ष 2026-27 में बिजली की दर में 10.19 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव घाटे 6,044 करोड़ रुपये के आधार पर दिया है। बिजली की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अलग-अलग कंपनियां बनाई गई थीं लेकिन इसका कोई लाभ आम उपभोक्ता को नहीं मिला।
मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों ने एक बार फिर आम उपभोक्ता की जेब पर बोझ डालने की तैयारी कर ली है। राज्य विद्युत नियामक आयोग को वर्ष 2026-27 में बिजली की दर में 10.19 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव घाटे 6,044 करोड़ रुपये के आधार पर दिया है। यह घाटा भी कोई आज का नहीं बल्कि वर्षों पुराना है, जिसे आयोग अस्वीकार कर चुका है। जबकि, होना यह चाहिए कि भारत सरकार ने आमजन को राहत देने के लिए जीएसटी में जो छूट दी, उसका लाभ बिजली की दर में कमी करके दिया जाता।
दरअसल, कोयले पर जो जीएसटी सरचार्ज लगता था, वह समाप्त कर दिया गया है। बिजली क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि बिजली कंपनियां अपनी असफलताओं को छुपाने के लिए बिजली दर बढ़ाना चाहती हैं। आयोग ने बिजली कंपनियों की याचिका पर 24 फरवरी से जनसुनवाई करने का निर्णय लिया है। इसके लिए आपत्तियां 25 जनवरी तक ली जाएंगी। प्रदेश में एक करोड़ 29 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं।
घाटे की भरपाई के लिए वृद्धि की मांग
मध्य प्रदेश में बिजली की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अलग-अलग कंपनियां बनाई गई थीं लेकिन इसका कोई लाभ आम उपभोक्ता को नहीं मिला। प्रतिवर्ष कंपनियां घाटे का रोना रोकर नियामक आयोग में बिजली की दर बढ़ाने की याचिका लगाती हैं और कुछ न कुछ वृद्धि हो भी जाती है। इस बार पावर मैनेजमेंट कंपनी ने बिजली कंपनियों को हो रहे घाटे की भरपाई के लिए 10.19 प्रतिशत से वृद्धि की मांग की है। इसके पीछे जो आधार दिया है वह गले के नीचे नहीं उतरता है। कंपनियों ने बताया कि 2014-15 से 2022-23 की अवधि में 3,451 करोड़ रुपये की वृद्धि का प्रस्ताव अस्वीकार किया गया था, उसके कारण प्रबंधन में समस्या आ रही है।
इसी तरह स्मार्ट मीटर लगाने में होने वाले 820 करोड और लगभग 300 करोड़ रुपये बिजली खरीदी का व्यय बताया गया है। जबकि, स्मार्ट मीटर लगाते समय यह दावा किया गया था कि इसका भार उपभोक्ता पर नहीं पड़ेगा। बिजली चोरी रुकेगी और जो लागत है उसकी भरपाई हो जाएगी। इसी तरह बिजली खरीदी का भार भी उपभोक्ताओं पर डालने की तैयारी है। जबकि, प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता 5,781 मेगावाट हो गई है।
यह बिजली तीन रुपये प्रति यूनिट से कम दर पर मिल रही है। ऐसे में निश्चित तौर पर लागत घटनी चाहिए पर यह बढ़ रही है। बिजली क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि बिजली कंपनियों का प्रबंधन फेल है। भ्रष्टाचार के कारण समस्या बढ़ रही है। उधर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर कह रहे हैं कि हमारा प्रयास है कि वर्ष 2028 तक मध्य प्रदेश में बिजली की कीमत न बढ़े पर कंपनियों द्वारा आयोग में लगाई याचिका से ऐसा प्रतीत नहीं होता है।
ऊर्जा प्रभार 51 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव
बिजली से जुड़े मामलों के जानकार राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि ऊर्जा प्रभार औसत 51 पैसे प्रति यूनिट और नियत प्रभार प्रति 15 यूनिट 28 से बढ़ाकर 31 रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया है। कंपनियों द्वारा प्रस्तुत दर वृद्धि का प्रस्ताव आधारहीन है और उपभोक्ता पर बोझ बढ़ाने वाला है। जब 20 लाख के आसपास स्मार्ट मीटर लग गए तो खपत नियंत्रित हुई होगी, जिससे लागत घटी होगी।
प्रति एक हजार किलोग्राम कोयला पर लगभग 400 रुपये जीएसटी सरचार्ज लग रहा था, जो समाप्त हो गया है पर याचिका में इसका प्रभाव नजर नहीं आया। जिस बकाया राशि को आधार बनाकर 10.19 प्रतिशत की वृद्धि मांगी गई है, वह पूरी तरह अव्यवहारिक है, क्योंकि आयोग इसे अस्वीकार कर चुका है। कंपनियां इस पर न तो पुनर्विचार याचिका दायर कीं और न ही अपीली न्यायाधिकरण गईं। आयोग ने 24 फरवरी को जबलपुर, 25 को इंदौर और 26 फरवरी 2026 भोपाल क्षेत्र की सुनवाई करेगा। इसके बाद ही निर्णय होगा।
4,800 करोड़ की वसूली पर होना है निर्णय
राजनीति भी बिजली व्यवस्था को बिगाड़ने में कम दोषी नहीं है। विधानसभा चुनाव के समय मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए 31 अगस्त 2023 तक के घरेलू उपभोक्ताओं के लगभग बकाया राशि 4,800 करोड़ रुपये की वसूली स्थगित करा दी। इसकी भरपाई विद्युत वितरण कंपनियों से होनी थी, जो नहीं की गई। अब इस राशि की वसूली उपभोक्ताओं से की जानी है या फिर कोई और रास्ता निकालना है, इसके लिए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। यानी उपभोक्ताओं के ऊपर वसूली की तलवार अभी भी लटक रही है।
भोपाल 31 दिसंबर : मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में नगर परिषद को जिला बनाने का प्रस्ताव अब पारित हो गया है। स्थानीय लोग 20 वर्षों से इस क्षेत्र को जिला बनाने की मांग कर रहे थे।
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले का बरेली नगर परिषद की साधारण सभा की बैठक में बरेली को जिला बनाने, टीम पहल को भूमि उपलब्ध कराने तथा धूमधाम से नगर गौरव दिवस एवं गणतंत्र दिवस मनाने सहित उन्नीस प्रस्ताव पारित किए गए।
6 जनवरी को मनाया जाएगा गौरव दिवस
साधारण सभा की बैठक में प्रतिवर्ष के अनुसार धूमधाम से नगर गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। बता दें कि, 6 जनवरी 1949 को विलीनीकरण आंदोलन के तहत बड़ा बाजार में भोपाल रियासत को भारत संघ में मिलाने की मांग को लेकर हो रही शांतिपूर्ण सभा में नवाब पुलिस की लाठी चार्ज से बरेली के दो युवा जुगराज सोनी और राम प्रसाद अहिरवार ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इनकी शहादत के सम्मान में पत्रिका की मुहिम पर बरेली नगर परिषद तीन वर्ष पूर्व 6 जनवरी को नगर गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था। विगत दो वर्षों की तरह 6 जनवरी को धूमधाम के साथ नगर गौरव दिवस मनाया जाएगा।
स्कूली बच्चो को बताया जाएगा क्षेत्र का इतिहास
इस मौके पर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और जेल गए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का पुण्य स्मरण करते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। वहीँ, दुसरी तरफ स्कूली बच्चों को नगर के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया जाएगा।
नगर परिषद अध्यक्ष हेमंत राजा भैया चौधरी ने कहा कि यह नगर परिषद का सौभाग्य की पत्रिका की मुहिम पर हमें 6 जनवरी को नगर गौरव दिवस मनाने का निर्णय करने अवसर प्राप्त हुआ। परिषद के निर्णय के अनुसार गत वर्ष से भी बढकर पूरे उत्साह के साथ नगर गौरव दिवस मनाया जाएगा। इसी उत्साह के साथ 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा।
टीम पहल को भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय
टीम पहल को के अनुसार नगर परिषद द्वारा भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। नगर के विभिन्न वार्डों में रट्रीट लाईट पोल लगाने, विभिन्न स्थानो पर स्वागत द्वार लगाने, सफाई व्यवस्था के लिए सेवा कार्यों के विस्तार की कार्ययोजना वाहन खरीदने, बस अड्डा शुल्क, वाहन किराया वसूली, पशु पंजीयन शुल्क वसूली वर्ष 2026-27 के संबंध मे विचार विमर्श कर निर्णय लिया गया। साथ ही नगरीय क्षेत्र बरेली में विज्ञापन शुल्क की वसूली ठेके पर देने का निर्णय लिया गया।
संवरेगा शहीद स्मारक पार्क
नगर परिषद के निर्णय के अनुसार शहीद स्मारक स्थल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क के सौंदयीकरण के लिए भव्य द्वार का निर्माण कराया जाएगा। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क के पास यात्री प्रतीक्षालय निर्माण पर विचार विमर्श किया गया। इसी के साथ वार्ड क्रमांक 2 में पुलिया और वार्ड क्रमांक 4 में दो सड़क निर्माण का निर्णय भी लिया गया।
बरेली को जिला बनाने का प्रस्ताव पारित
परिषद सहित बरेली नगर एवं क्षेत्र की लोगों की मंशा और दो दसक से की जा रही मांग के अनुसार नगर परिषद द्वारा सर्व समिति से बरेली को जिला बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
भोपाल - 5-6 दशक पुरानी बस्ती के बेदखली के नोटिस, जीतू पटवारी ने किया विरोध -
भोपाल 29 दिसंबर : राजधानी भोपाल की एक पुरानी बस्ती जल्द ही धराशायी होगी। यहां बने मकान, दुकान जमींदोज कर दिए जाएंगे। इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां चल रहीं हैं। बस्ती के रहवासियों को बेदखली के नोटिस दिए जा चुके हैं। भोपाल के मानस भवन की इस बस्ती को हटाने के नोटिस के बाद यहां के निवासी चिंतित हैं। बस्ती में रहनेवाले अधिकांश लोग आदिवासी हैं। पहले यहां केवल झुग्गियां थीं पर अब पक्के मकान बन चुके हैं। रविवार को एक कार्यक्रम में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को इसकी जानकारी मिली तो वे तुरंत प्रभावित लोगों से मिलने पहुंच गए। उन्होंने बस्ती हटाने का विरोध किया और फोन लगाकर अधिकारियों पर भड़के। जीतू पटवारी ने एडीएम से मोबाइल पर चर्चा कर प्रशासन को चेताया। प्रभावित निवासियों से साफ कहा कि मैं और पूरी कांग्रेस आपके साथ खड़ी रहेगी।
मानस भवन के आसपास बसी यह बस्ती सरकारी रिकार्ड में वन भूमि के रूप में दर्ज है। यहां करीब 3 दर्जन परिवार रहते हैं जिनमें से 27 परिवारों को बेदखली का नोटिस दिया गया है।प्रशासन ने 25 अगस्त 2025 को यह आदेश जारी किया। इससे पहले 4 अप्रैल 2025 को एक कारण बताओ नोटिस भी दिया गया था।
बेदखल किए जाने के आदेश पारित-
नए बेदखली आदेश में कहा गया है कि “राजस्व निरीक्षक द्वारा पटवारी हल्का शहर भोपाल की सरकारी जमीन खसरा नंबर 1413/1 रकबा 31.5130 हेक्टेयर मप्र शासन नोइयत वन में से रकबा 100 वर्गफीट पर आपके द्वारा झुग्गी/झोपड़ी/मकान/टीनशेड बनाकर अवैध कब्जा बावत प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर अतिक्रमण किया जाना प्रमाणित होने पर इस न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 0001/अ-68/2025-26 में पारित आदेश दिनांक 25/08/2025 द्वारा मप्र शासन की भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 248(1) के अंतर्गत आपके विरुद्ध रुपए 1000/- अंकन एक हजार मात्र अर्थदंड आरोपित करते हुए शासकीय भूमि से बेदखल किए जाने के आदेश पारित किए गए हैं।
कारण बताओ नोटिस और बेदखली का आदेश जारी होने के बाद बस्ती के लोग चिंता और तनाव मेें हैं पर प्रशासनिक रवैए का विरोध कर रहे हैं। लोगों का साफ कहना है कि हम करीब 60-70 साल से यहीं रहते आए हैं। प्रशासन मानस भवन के लिए हमारे घर तोड़ना चाहता है। हमें करीब 30-40 किमी दूर वैकल्पिक निवास दिया जा रहा है लेकिन वहां जाकर करेंगे क्या!
जीतू पटवारी ने कहा कि प्रशासन मकान तोड़ने की कोशिश न करे -
रविवार को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी मानस भवन में सामाजिक न्याय सम्मेलन में पहुंचे तो मानस भवन बस्ती की महिलाओं ने नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के साथ उनसे मिलकर अपना दुखड़ा सुनाया। इसपर पटवारी बस्ती में गए और लोगों से बात की। उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन को मोबाइल लगाया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
इसके बाद जीतू पटवारी ने एसडीएम को फोन लगाकर कहा कि मकान तोड़ने की प्रशासन कोशिश न करे। कांग्रेस आपके खिलाफ खड़ी होगी।
शुभम गोस्वामी से बने अमन खान ने हिन्दू धर्म में की वापसी, युवती के लिए किया था धर्म-परिवर्तन
भोपाल 8 दिसंबर : जहांगीराबाद के रहने वाले शुभम गोस्वामी ने हिंदू धर्म में वापसी की है। दरअसल, उसने एक मुस्लिम युवती के प्यार में धर्म परिवर्तन किया था लेकिन प्यार में धोखा में खाने के बाद फिर हिंदु धर्म अपनाया।
सोमवार को गुफा मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन, उपनयन संस्कार, गुरुदीक्षा, मुंडन, गौपूजन और गंगाजल से शुद्धिकरण की विधि सम्पन्न कराई गई। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी मौजूद रहे। शुभम का आरोप है कि धर्म परिवर्तन के बाद उसे अमन खान नाम अपनाने को मजबूर किया गया था।
रामप्रवेश दास देवाचार्य महाराज ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश सनातन धर्म से दूर चला भी जाए, तो पुनः लौटने की एक सामान्य प्रक्रिया है। मुंडन, भद्रता-संस्कार, कंठी-तुलसी धारण, तिलक, गौपूजन, हवन आदि संस्कार होता है।
विश्वास सारंग से मिला था युवक
शुभम गोस्वामी ने 29 नवंबर को मंत्री विश्वास सारंग के जनदर्शन में पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई थी। मंत्री सारंग ने बताया कि युवक के अनुसार, उसे दबाव डालकर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया था। प्रेम-जाल में फंसाया गया, गौमांस खिलाया गया और जमात में भेजा गया। मंत्री ने बताया कि युवक की शिकायत पर पुलिस को सूचना दी गई और कार्यवाही के बाद फिलहाल तीन आरोपी जेल में हैं।
शुभम ने कहा कि वह चार महीने तक दूसरे धर्म की रीति-रिवाजों के अनुसार रहा। नॉन-वेज खाना, नमाज पढ़ना, मस्जिदों में रहना ये सब किया। लेकिन जब स्थिति असहज होने लगी, तो वह मंत्री से मिला। कार्यवाही के बाद वह अब दोबारा हिन्दू धर्म में लौट आया।
2022 में युवती से हुई थी पहचान
शुभम ने बताया कि वह भोपाल के जहांगीराबाद का रहने वाला है। 2022 के आखिर में एक मुस्लिम युवती से जान-पहचान हुई। शुरुआत में सब ठीक लगा लेकिन धीरे-धीरे उसके परिवार ने युवक के ऊपर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
युवक ने बताया था कि उस परिवार ने उसे समाज, कानून और पुलिस के डर से घेर लिया। उन्होंने मेरे खिलाफ झूठे केस दर्ज कराए। वह जेल तक गया। शुभम ने कहा कि, बाहर आने पर धमकियां दी गईं कि अगर मैं हिंदू धर्म नहीं छोडूंगा, तो मेरे परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा।
उसके मुताबिक, सबसे बड़ा मानसिक दबाव उसकी पहचान छीन लेने का था। उन्होंने कहा कि अब तुम शुभम नहीं, अमन खान हो। मजबूरी में मुझे वही नाम बताना पड़ता था। वह तीन साल अपने घर से दूर मुस्लिम मोहल्ले में रहा। युवक ने कहा कि मैंने परिवार से रिश्ता लगभग खत्म कर दिया था। नौकरी भी छूट गई।
भोपाल : मध्यप्रदेश की मोहन सरकार एक बार फिर से कर्ज लेने जा रही है। 3 हजार करोड़ का कर्ज तीन किस्तों में लिया जाएगा।
भोपाल 2 दिसंबर : मध्यप्रदेश की मोहन सरकार शीतकालीन सत्र के दौरान दूसरा अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार एक बार फिर 3,000 करोड़ का कर्ज नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से लेने जा रही है, जिसका भुगतान बुधवार को किया जाएगा। ये सभी कर्ज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के जरिए लिए जा रहे हैं, और इनका ब्याज हर छह महीने में 3 जून और 3 दिसंबर को चुकाया जाएगा। इस नए कर्ज के साथ चालू वित्तीय वर्ष में राज्य का कुल कर्ज बढ़कर 49,600 करोड़ पहुंच जाएगा।
पहला कर्ज 1 हजार करोड़ रुपए का होगा
वित्त विभाग के द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया गया। जिसके अनुसार, पहला कर्ज एक हजार करोड़ रुपए का होगा। जिसका भुगतान सरकार के द्वारा आठ साल में किया जाएगा। इसके बाद एक हजार करोड़ का दूसरा कर्ज भी लिया जाएगा। जिसको सरकार 13 साल में चुकाएगी। तीसरे कर्ज की राशि भी 1 हजार करोड़ रुपए होगी। जिसका भुगतान ब्याज के साथ 23 साल में किया जाएगा। इन कर्जों का ब्याज जून और दिसंबर महीने में अदा किया जाएगा।नवंबर में सरकार ने लिया था कर्ज
इससे पहले सरकार ने 11 नवंबर को ऑक्शन के बाद सरकार ने 12 नवंबर को 1500-1500 सौ करोड़ के दो कर्ज और 1 हजार करोड़ का दूसरा कर्ज लिया था। जो कि 16 साल, 22 साल और 19 साल के लिए हैं। इनके ब्याज का भुगतान सरकार को 6-6 महीने की अवधि में करना होगा। ऐसे ही 28 अक्टूबर को 5200 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। उसमें पहली राशि 2700 करोड़ की थी, जो कि 21 साल के लिए ली गई थी। वहीं, दूसरी राशि 2500 करोड़ की, जो 22 साल के लिए ली गई थी।कर्ज लेने की लिमिट बरकरार
सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है, जो भी कर्ज लिया जा रहा है वह लोन की लिमिट के भीतर है।ऐसे ही 30 सितंबर को 1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए थे। जिसका भुगतान एक अक्टूबर को हुआ था। ये कर्ज 20 साल और 23 साल के अवधि के लिए हैं। इसका भुगतान एक अक्टूबर हो हुआ था।