इंदौर 2 दिसंबर: इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। भाजपा नेत्री उमा भारती ने इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत हो गई है और 100 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि कई अन्य लोग बीमार पड़े हैं। इस गंभीर घटना को लेकर भाजपा नेत्री उमा भारती ने मध्य प्रदेश सरकार पर तीखी आलोचना की।
उमा भारती ने साधा निशाना
उमा भारती ने कहा कि साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें पूरे प्रदेश, सरकार और व्यवस्था के लिए शर्मनाक और कलंकित करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती और गंदगी होना और जहर मिला पानी पीकर कितनी जिंदगियां खत्म हो गईं और अब भी मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है, यह स्वीकार्य नहीं है।
उमा भारती ने आगे कहा कि जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि मृतकों के परिजन जीवन भर दुख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा। पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं, उन्हें अधिकतम दंड दिया जाना चाहिए।
इंदौर 9 नवम्बर : इंदौर क्राइम ब्रांच ने शनिवार को एक जालसाज को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को पुलिस आरक्षक बताकर युवती से आरक्षक भर्ती में बिना परीक्षा नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लाख रुपए की मांग की थी।
युवती ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, आरोपी के साथ हुई रिकॉर्डेड बातचीत और व्हाट्सऐप चैट भी पुलिस को सौंपी। शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि देवास की रहने वाली एक युवती इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। उसे एक व्यक्ति ने कॉल कर खुद को पुलिस आरक्षक बताया और कहा कि वह बिना परीक्षा दिए आरक्षक पद पर नौकरी दिला सकता है। इसके एवज में उसने 6 लाख रुपए की मांग की।
युवती को शक हुआ, तो उसने उसकी बातों की ऑडियो रिकॉर्डिंग की और व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट क्राइम ब्रांच को उपलब्ध कराए। शिकायत मिलने पर क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को मामला दर्ज किया और आरोपी की जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि आरोपी का नाम अजय पाटीदार निवासी बागली, देवास है। तकनीकी सबूतों और साइबर टीम की मदद से पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
फ्रेंडशिप के बहाने युवतियों से करता था बातचीत
एडिशनल डीसीपी दंडोतिया ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। अजय 10वीं तक पढ़ा है और खेती करता है। वह सोशल मीडिया पर युवतियों से दोस्ती करने के उद्देश्य से बातचीत करता था और उन पर अच्छा प्रभाव डालने के लिए खुद को पुलिस आरक्षक बताता था।
इस मामले में भी उसने युवती से दोस्ती बढ़ाने के बाद यह पता लगाया कि वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। इसका फायदा उठाकर उसने युवती को बिना परीक्षा नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
आरोपी आदतन अपराधी है। उस पर पहले भी दो मामले एक गैंबलिंग एक्ट और दूसरा आर्म्स एक्ट में देवास जिले में दर्ज हैं। इसके अलावा आजाद नगर थाना, इंदौर में भी उस पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस उससे पूछताछ कर अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है।
ख़बर दैनिक भास्कर के आधार पर।