महेश्वर: नर्मदा में मिले इंदौर के 343 वोटर ID कार्ड, कांग्रेस ने लगाया वोट चोरी का आरोप; CEC पर FIR की मांग
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महेश्वर: नर्मदा में मिले इंदौर के 343 वोटर ID कार्ड, कांग्रेस ने लगाया वोट चोरी का आरोप; CEC पर FIR की मांग
लोकेशन: महेश्वर, जिला खरगोन | मध्य प्रदेश
महेश्वर न्यूज | मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर में नर्मदा नदी की सफाई के दौरान इंदौर के पते वाले 343 वोटर आईडी कार्ड मिलने से हड़कंप मच गया। रविवार को सफाई अभियान के दौरान मिले इन कार्डों को प्रशासन ने जब्त कर पंचनामा तैयार किया। मामले को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
नर्मदा नदी में तैरते मिले वोटर आईडी कार्ड
जानकारी के अनुसार, रविवार को मंडलेश्वर स्थित नर्मदा घाट पर निस्वार्थ सेवा समिति के सदस्य सफाई अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उन्हें नदी के पानी में तैरते और घाट के किनारे पड़े बड़ी संख्या में वोटर आईडी कार्ड दिखाई दिए।
कार्डों पर दर्ज पतों के अनुसार, ये इंदौर शहर के तिलक नगर, आस्था पैलेस और आसपास के क्षेत्रों के मतदाताओं से संबंधित बताए जा रहे हैं। प्रशासनिक टीम द्वारा तैयार पंचनामा के अनुसार, कुल 343 कार्ड जब्त किए गए हैं।
इंदौर से लगभग 90 किलोमीटर दूर मंडलेश्वर में इतनी बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र मिलने के बाद इनके यहां पहुंचने के कारणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कार्ड नदी तक कैसे पहुंचे और इन्हें वहां किसने छोड़ा।
कांग्रेस ने लगाया वोट चोरी का आरोप, थाने के बाहर दिया धरना
मामले की जानकारी मिलने के बाद खरगोन जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंडलेश्वर थाने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने बरामद वोटर आईडी कार्ड पुलिस के सामने रखते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दूसरे शहर के मतदाताओं के इतने सारे पहचान पत्र एक साथ मिलना गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक ने इस घटना को कथित वोट चोरी से जोड़ते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस द्वारा आवेदन लेकर जांच करने की बात कहे जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने के मुख्य द्वार पर धरना दिया।
प्रशासन ने जब्त किए सभी कार्ड, जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी श्वेता शुक्ला, तहसीलदार कैलाश सस्त्या और अन्य राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे। राजस्व विभाग की टीम ने पंचनामा तैयार कर बरामद वोटर आईडी कार्ड जब्त किए।
एसडीओपी श्वेता शुक्ला के अनुसार, कार्डों पर इंदौर के पते दर्ज होने के कारण संबंधित निर्वाचन कार्यालय और इंदौर प्रशासन से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को कांग्रेस नेताओं की ओर से शिकायत आवेदन दिया गया है। मामले में जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अब इन सवालों के जवाब तलाश रहा प्रशासन
नर्मदा नदी में इंदौर के मतदाताओं के पहचान पत्र मिलने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
इंदौर के मतदाताओं के 343 वोटर आईडी कार्ड मंडलेश्वर तक कैसे पहुंचे?
इन कार्डों को नदी में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा?
क्या ये सभी कार्ड वैध हैं और संबंधित मतदाताओं के रिकॉर्ड से मेल खाते हैं?
क्या इस मामले का निर्वाचन प्रक्रिया में किसी अनियमितता से संबंध है?
इन सवालों के जवाब संबंधित निर्वाचन कार्यालय और प्रशासन की जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल, कार्ड मिलने की घटना सामने आई है, लेकिन इसे चुनावी साजिश या वोट चोरी का प्रमाण मानने के लिए अभी पर्याप्त आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
आवेदन देने के बाद कांग्रेस ने समाप्त किया धरना
कांग्रेस ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस को आवेदन सौंपने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और इंदौर के संबंधित निर्वाचन कार्यालय से मिलने वाली जानकारी पर नजर रहेगी। जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि ये पहचान पत्र मंडलेश्वर के नर्मदा घाट तक कैसे पहुंचे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।


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