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तालिबान ने गर्भनिरोधक गोलियों पर लगाई रोक, जानिए क्या हे कारण ?

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22 Oct 2026, 02:39 PM IST1 reads
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तालिबान ने गर्भनिरोधक गोलियों पर लगाई रोक, जानिए क्या हे कारण ?

अफगानिस्तान 02 फरवरी :  अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। तालिबानी डॉक्टरों को धमकी देते हैं कि दवा दी तो क्लीनिक बंद करा देंगे।

देशभर में क्लीनिक भी बंद हो रहे हैं। महिलाओं को गर्भधारण या मिसकैरेज का इलाज नहीं मिल पा रहा। बदगीस प्रांत की एक निजी क्लीनिक में चेतावनी देते हुए सभी दवाएं नष्ट कर दी गईं।

जवजजान प्रांत में 30 साल से क्लीनिक चला रही एक डॉक्टर कहती हैं, तालिबान के सत्ता आने के बाद गर्भनिरोधक गोली तेजी से खत्म हो रही हैं। यहां 70 में से 30 महिलाओं को इसकी जरूरत होती थी, अब हम कह देते हैं कि हमारे पास कुछ भी नहीं है। कंधार प्रांत सहित कई जगहों पर सीधे पुरुष डॉक्टरों से इलाज लेने पर सख्ती है।

ये तीन कहानियां, जो उम्रभर का दर्द बढ़ा रहीं

उम्र 36 साल, 9 बच्चे: 36 साल की परवाना अब अपने बच्चों को पहचान ही नहीं पाती। कंधार के गांव में अपनी मां के घर पर बैठी, वह चुपचाप हिलती रहती हैं। नौ बार गर्भवती और छह बार मिसकैरेज हो चुका है। पति और ससुराल वालों के दबाव में परवाना मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी हैं। उनकी मां शरीफा कहती हैं, उन्हें डर और लगातार प्रेगनेंसी ने तोड़ दिया है।

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उम्र 42 साल, 12 बच्चे: कंधार की 42 साल की शकीबा। 12 बच्चों की मां हैं। वे बताती हैं कि अब उन्हें उठना भी मुश्किल होता है। हड्डियों में दर्द रहता है। पति किसी भी गर्भनिरोधक को लेने से साफ मना कर देते हैं।

29 साल की उम्र में ही हालत बदतर : 29 साल की जरघोना भूकंप के बाद तंबू में रहने लगी थीं। लगातार तीन दिन टॉयलेट नहीं जा सकीं। उन्हें आंत की समस्या हुई। डॉक्टरों ने चेताया कि अब गर्भवती हुई, तो जान जा सकती है। लेकिन एक साल बाद फिर गर्भ ठहर गया। बच्चे को जन्म दिया। जान तो बच गईं, लेकिन अब रक्तस्राव से जूझ रही हैं।

चिकित्सा सुविधा न के बराबर, फंडिंग भी बड़ी समस्या

संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन(WHO) के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय फंडिंग पिछले साल कम होने से 440 से ज्यादा अस्पताल और क्लिनिक बंद हो गए। ग्रामीण इलाकों में महिलाएं कई घंटे चलकर क्लिनिक तक पहुंचती हैं।

महिलाएं अकेले ही घर पर जन्म देती हैं। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली 80% महिलाएं कुपोषित हैं। उनमें एनीमिया, विटामिन की कमी और लो ब्लड प्रेशर है।

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